87 कंपनियों के $69 Billion के IPO Lock-in पीरियड खत्म होने वाले हैं, जानें बाजार पर क्या होगा असर
भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) के लिए अगले तीन महीने बहुत महत्वपूर्ण होने वाले हैं। Nuvama Alternative & Quantitative Research की एक रिपोर्ट के अनुसार, 87 कंपनियों के करीब $69 billion (लगभग 69 अरब डॉलर) मूल्य के pre-IPO shares का mandatory lock-in पीरियड खत्म होने जा रहा है। जब यह लॉक-इन पीरियड खत्म होता है, तो ये शेयर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो जाते हैं, जिससे मार्केट में शेयरों की supply बढ़ सकती है।
क्या होता है Lock-in Period?
जब कोई कंपनी अपना IPO लाती है, तो उसके promoters और बड़े निवेशकों के लिए एक निश्चित समय तक अपने शेयर न बेचने का नियम होता है। इसे ही lock-in period कहते हैं। यह समय सीमा खत्म होने के बाद वे निवेशक अपने शेयर बाजार में बेच सकते हैं।
Unlock Cycle की शुरुआत और मुख्य तारीखें
शेयरों के अनलॉक होने का सिलसिला शुरू हो चुका है। इसकी शुरुआत 17 मार्च से हुई है। नीचे दी गई टेबल में कुछ प्रमुख कंपनियों के नाम और उनके अनलॉक होने वाले शेयरों की जानकारी दी गई है:
| कंपनी का नाम | अनलॉक होने वाले शेयर/इक्विटी | तारीख |
|---|---|---|
| ICICI Prudential AMC | 70 लाख शेयर (1% Equity) | 17 मार्च |
| KSH International | 4% से 6% Equity | मार्च के अंत में |
| Gujarat Kidney & Super Speciality | 4% से 6% Equity | मार्च के अंत में |
| Gaudium IVF and Women Health | 30 लाख शेयर (4% Equity) | 27 मार्च |
इन कंपनियों के लिए लॉक-इन पीरियड एक से तीन महीने का था, जो अब खत्म हो रहा है।
बड़ी कंपनियों से आ सकती है भारी सप्लाई
मार्केट में शेयरों की सबसे बड़ी सप्लाई उन कंपनियों से आने वाली है जिनका छह महीने या उससे ज्यादा का लॉक-इन पीरियड खत्म हो रहा है। इसमें Urban Company सबसे ऊपर है।
| कंपनी का नाम | अनलॉक होने वाले शेयरों की संख्या | कुल इक्विटी का हिस्सा |
|---|---|---|
| Urban Company | 94.1 करोड़ शेयर | 66% |
| GK Energy | 13.1 करोड़ शेयर | 65% |
| Euro Pratik Sales | 6.3 करोड़ शेयर | 62% |
क्या बाजार पर पड़ेगा बुरा असर?
इतनी बड़ी मात्रा में शेयर अनलॉक होने के बावजूद एक्सपर्ट्स का मानना है कि जरूरी नहीं कि बाजार में बहुत ज्यादा बिकवाली (selling pressure) हो। Nuvama के अभिलाष पगारिया (Abhilash Pagaria) ने कहा कि वास्तविक सप्लाई कम हो सकती है क्योंकि इन शेयरों का एक बड़ा हिस्सा promoters के पास है, जो शायद इन्हें न बेचें।
Pantomath Capital Advisors के MD और CEO कमराज सिंह नेगी (Kamraj Singh Negi) ने भी बताया कि मौजूदा मार्केट माहौल को देखते हुए यह कम संभावना है कि निवेशक लॉक-इन खत्म होते ही तुरंत बाहर निकलने के लिए भागेंगे।
स्टॉक परफॉरमेंस और निवेशकों का व्यवहार
शेयरों की बिक्री इस बात पर भी निर्भर करेगी कि उस कंपनी के शेयर का दाम अभी क्या चल रहा है।
- इश्यू प्राइस से नीचे वाले शेयर: Dev Accelerator, GK Energy और Ivalue Infosolutions जैसी कंपनियां फिलहाल अपने इश्यू प्राइस से नीचे ट्रेड कर रही हैं। ऐसे में निवेशक घाटे में शेयर बेचने से बच सकते हैं।
- प्रीमियम पर ट्रेड करने वाले शेयर: ICICI Prudential AMC और Bharat Coking Coal जैसी कंपनियां मुनाफे (premium) में चल रही हैं। यहां निवेशक मुनाफावसूली (profit-booking) के लिए शेयर बेच सकते हैं।
कुल मिलाकर, लॉक-इन पीरियड खत्म होने से बाजार में शेयरों की पाइपलाइन तो बढ़ेगी, लेकिन इसका असली असर निवेशकों के सेंटिमेंट और मार्केट की स्थिति पर निर्भर करेगा।
FAQs
1. Lock-in पीरियड खत्म होने का क्या मतलब है?
इसका मतलब है कि कंपनी के प्रमोटर्स और बड़े निवेशक अब अपने शेयर खुले बाजार में बेच सकते हैं, जो पहले प्रतिबंधित थे।
2. क्या सभी 87 कंपनियां एक साथ अनलॉक होंगी?
नहीं, यह प्रक्रिया अगले तीन महीनों के दौरान अलग-अलग तारीखों पर पूरी होगी।
3. क्या इससे शेयर की कीमत गिर जाती है?
अगर बहुत ज्यादा निवेशक एक साथ शेयर बेचते हैं, तो सप्लाई बढ़ने से कीमत पर दबाव आ सकता है, लेकिन यह कंपनी के प्रदर्शन पर भी निर्भर करता है।