PhonePe IPO Delay: फोनपे ने टाला अपना 12,000 करोड़ का IPO, जानें क्या है बड़ी वजह

PhonePe IPO Delay: फोनपे ने टाला अपना 12,000 करोड़ का IPO, जानें क्या है बड़ी वजह

UPI पेमेंट प्लेटफॉर्म PhonePe ने अपने IPO (Initial Public Offering) को फिलहाल टालने का फैसला किया है। कंपनी ने 16 मार्च, 2026 को यह जानकारी दी। PhonePe ने बताया कि दुनिया भर में चल रहे तनाव और मार्केट में उतार-चढ़ाव (volatility) के कारण यह फैसला लिया गया है।

PhonePe के फाउंडर और CEO समीर निगम (Sameer Nigam) ने एक बयान में कहा कि वे उम्मीद करते हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द ही शांति बहाल होगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि कंपनी भारत में पब्लिक लिस्टिंग के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जब ग्लोबल कैपिटल मार्केट स्थिर हो जाएगा, तब कंपनी फिर से IPO की प्रक्रिया शुरू करेगी।

PhonePe IPO Delay की मुख्य वजह

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष (US-Israel conflict with Iran) की वजह से ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता बनी हुई है। इस वजह से निवेशकों में डर का माहौल है। PhonePe का प्लान लगभग 1.3 बिलियन डॉलर (करीब 12,000 करोड़ रुपये) जुटाने का था। इतने बड़े IPO के लिए बाजार में अच्छी लिक्विडिटी (liquidity) की जरूरत होती है, जो फिलहाल नहीं दिख रही है।

IPO से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां

PhonePe को 20 जनवरी को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से IPO के लिए मंजूरी मिल गई थी। बेंगलुरु स्थित यह कंपनी पूरी तरह से ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) के जरिए फंड जुटाने वाली थी। इस IPO के जरिए कंपनी की वैल्यूएशन (valuation) लगभग 15 बिलियन डॉलर आंकी गई थी।

विवरण (Details) जानकारी (Information)
IPO का कुल साइज लगभग 12,000 करोड़ रुपये ($1.35 billion)
कंपनी की वैल्यूएशन लगभग 15 बिलियन डॉलर
SEBI मंजूरी की तारीख 20 जनवरी
IPO का प्रकार ऑफर फॉर सेल (OFS)
मुख्यालय (Headquarters) बेंगलुरु

Paytm के बाद दूसरा सबसे बड़ा IPO

अगर PhonePe का यह IPO समय पर आता, तो यह भारत में न्यू-एज कंपनियों का दूसरा सबसे बड़ा IPO होता। इससे पहले 2021 में Paytm ने अपना IPO पेश किया था, जिसका साइज 18,000 करोड़ रुपये था और उसकी वैल्यूएशन 20 बिलियन डॉलर थी।

UPI मार्केट में PhonePe का दबदबा

PhonePe भारत के UPI इकोसिस्टम में सबसे बड़ी कंपनी है। भारत में होने वाले कुल डिजिटल पेमेंट्स में UPI की हिस्सेदारी 85 प्रतिशत से ज्यादा है। PhonePe इस मार्केट में अपनी प्रतिद्वंदी कंपनी Google Pay से काफी आगे है।

कंपनी का नाम UPI मार्केट शेयर
PhonePe लगभग 45%
Google Pay लगभग 35%

कंपनी के बिजनेस की बात करें तो PhonePe हर महीने लगभग 10 बिलियन (1,000 करोड़) ट्रांजैक्शन प्रोसेस करती है। इन ट्रांजैक्शन की कुल वैल्यू 12 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा है।

अन्य फाइनेंशियल सर्विसेज में विस्तार

सिर्फ पेमेंट ही नहीं, PhonePe अब कई अन्य फाइनेंशियल सर्विसेज में भी कदम रख चुकी है। कंपनी ने ‘Share.Market’ नाम से अपना स्टॉक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म शुरू किया है। इसके अलावा कंपनी लोन प्रोडक्ट्स और इंश्योरेंस पॉलिसी (insurance distribution) भी बेच रही है। वॉलमार्ट (Walmart) के निवेश वाली यह कंपनी एक बड़ा डिजिटल फाइनेंशियल इकोसिस्टम तैयार कर रही है।

निष्कर्ष

PhonePe IPO Delay की खबर उन निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है जो इस बड़े इश्यू का इंतजार कर रहे थे। हालांकि, कंपनी ने साफ किया है कि वे भारत में लिस्टिंग का इरादा नहीं छोड़ रहे हैं और सही समय आने पर IPO जरूर लाएंगे।

FAQs

PhonePe ने अपना IPO क्यों टाला है?

कंपनी ने वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव (geopolitical tensions) और शेयर बाजार में अस्थिरता के कारण IPO टालने का फैसला किया है।

PhonePe के IPO का साइज कितना है?

PhonePe करीब 12,000 करोड़ रुपये (1.35 बिलियन डॉलर) का IPO लाने की योजना बना रही थी।

UPI मार्केट में PhonePe की कितनी हिस्सेदारी है?

UPI पेमेंट्स मार्केट में PhonePe की हिस्सेदारी लगभग 45 प्रतिशत है, जो इसे भारत का सबसे बड़ा UPI ऐप बनाती है।

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